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त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में युवती की मौत पर सीपीआई (एम) ने एसआईटी जांच की मांग उठाई

त्रिपुरा के एक निजी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत 24 वर्षीय युवती की रहस्यमय मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं

त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में युवती की मौत पर सीपीआई (एम) ने एसआईटी जांच की मांग उठाई
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अगरतला। त्रिपुरा के एक निजी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत 24 वर्षीय युवती की रहस्यमय मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीआई (एम) ने मामले की एसआईटी जांच कराने की मांग की है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सीपीआई (एम) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी रविवार को पीड़िता के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और युवा संगठन के राज्य सचिव नबरुण देब भी मौजूद रहे।

परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद चौधरी ने दावा किया कि युवती की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले पुलिस किसी निष्कर्ष पर कैसे पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक SIT या न्यायिक जांच नहीं होगी, तब तक घटना की सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।

जितेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि घटना से पहले युवती की मां ने उसे घर आने के लिए कहा था, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तीन दिनों तक उसे घर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल ही में युवती का तबादला एक अन्य विभाग में किया गया था और उसकी इच्छा के खिलाफ उसे नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए लगाया गया था।

यह निजी मेडिकल कॉलेज पश्चिम त्रिपुरा जिले के मधुबन इलाके में स्थित है और इसका संचालन पश्चिम बंगाल के बीरभूम स्थित एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा किया जाता है।

सीपीआई (एम) नेता ने कहा कि पीड़िता के परिवार और स्थानीय लोग पुलिस जांच की प्रगति से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने जांच अधिकारियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि संबंधित एसडीपीओ ने पूरी जांच पूरी होने से पहले ही इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बताने वाले बयान सार्वजनिक कर दिए।

इस बीच, त्रिपुरा सरकार के गृह विभाग ने 11 जून को मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। अतिरिक्त सचिव तरित कांति चकमा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. विशाल कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें घटना के सभी पहलुओं की जांच कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपनी होगी।

जानकारी के अनुसार, युवती पहले मेडिकल कॉलेज में केयरटेकर के रूप में कार्यरत थी और हाल ही में उसे एग्जामिनेशन सेल में तैनात किया गया था। उसका शव 10 जून की रात कॉलेज परिसर से बरामद किया गया था।

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी और अगले दिन परिजनों तथा कॉलेज प्रशासन की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल भेजा गया। मामले में एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया है।

परिजनों ने युवती की हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच की मांग की है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने मौत से पहले यौन उत्पीड़न की आशंका भी जताई है।


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