E20 पेट्रोल के विरोध में नागपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, गडकरी के आवास की ओर मार्च रोका; कई कार्यकर्ता हिरासत में
नागपुर में E20 पेट्रोल के विरोध में युवा कांग्रेस ने नितिन गडकरी के आवास तक मार्च निकाला। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस ने E20 नीति पर सवाल उठाए, जबकि केंद्र सरकार ने इसे सुरक्षित और वैज्ञानिक आधार पर लागू बताया।

गडकरी के आवास तक मार्च की कोशिश
युवा कांग्रेस का विरोध मार्च नागपुर के महल क्षेत्र स्थित चिंतामणि पार्क चौक से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निजी आवास तक पहुंचकर विरोध दर्ज कराना चाहते थे।
पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आवास के आसपास भारी बल तैनात किया था और कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए थे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान नारेबाजी हुई और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।
E20 पेट्रोल पर कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस लगातार E20 ईंधन नीति का विरोध कर रही है। पार्टी का कहना है कि संसद में 29 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए जवाब के बाद भी कई सवालों के स्पष्ट उत्तर नहीं मिले हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि देशभर से वाहन मालिकों और मैकेनिकों की ओर से E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज में कमी, इंजन के प्रदर्शन पर असर, पुराने वाहनों में तकनीकी दिक्कतें और ठंड के मौसम में स्टार्टिंग जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को विस्तृत और पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने उठाई जांच और इस्तीफे की मांग
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई में आयोजित प्रेस वार्ता में E20 नीति की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति से वाहन मालिकों को नुकसान हुआ है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की भी मांग की।
युवा कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने भी कहा कि उपभोक्ताओं को E20 के साथ-साथ सामान्य पेट्रोल खरीदने का विकल्प उपलब्ध होना चाहिए, ताकि लोग अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें।
सरकार ने किया नीति का बचाव
केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि E20 ईंधन को वैज्ञानिक परीक्षणों और निर्धारित मानकों के आधार पर लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और गन्ना किसानों सहित कृषि क्षेत्र को आर्थिक लाभ मिलेगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी E20 से जुड़े कुछ दावों को भ्रामक बताते हुए कहा है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहनों में इस ईंधन का उपयोग सुरक्षित है।
इस बीच नागपुर साइबर पुलिस ने E20 नीति को लेकर सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।


